36 साल में पहली बार कटा नरोत्तम मिश्रा का टिकट उपचुनाव: टिकट कटने के बाद बदले नारोत्तम मिश्रा के तेवर, भाजपा के साथ रहने का किया ऐलान
शेखर खान "पत्रकार"
दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आखिरकार पार्टी के साथ खड़े रहने का फैसला कर लिया है। टिकट नहीं मिलने के बाद उनके नाराज़ होने और अन्य दलों से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गई थीं, लेकिन अब उन्होंने सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है।
जानकारी के अनुसार, डॉ. मिश्रा को शिवसेना (यूबीटी) की ओर से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव भी मिला था। वहीं, उनके समर्थकों के बीच भी राजनीतिक भविष्य को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। हालांकि, शनिवार रात भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से हुई मुलाकात के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई।
मुलाकात के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट किया कि संगठन उनके लिए सर्वोपरि है और वे भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के समर्थन में पूरी ताकत से चुनाव प्रचार करेंगे। उनके इस बयान के बाद दतिया में कई दिनों से जारी राजनीतिक असमंजस और अटकलों का दौर समाप्त होता नजर आ रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि डॉ. मिश्रा के इस फैसले से भाजपा को दतिया उपचुनाव में संगठनात्मक मजबूती मिलेगी। उनके समर्थकों में भी अब स्पष्ट संदेश गया है कि वे पार्टी लाइन पर ही आगे बढ़ेंगे।
दतिया उपचुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में लगातार हलचल बनी हुई है और सभी प्रमुख दल चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। ऐसे में डॉ. नरोत्तम मिश्रा का भाजपा के साथ बने रहने का फैसला इस चुनाव का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
अब देखन यह होगा की पुलिस के ऊपर जिन लोगों ने पथराव किया उन के ऊपर सरकार क्या एक्शन लेगी ?
हाईवे पर लम्बा जाम लगाने से जो आम भारतीयो को परेशानी हुईं उनके ऊपर क्या पुलिस कार्यवाही करेगी ?


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